Friday, December 28, 2012

नई दिल्ली की दुशसनो पर अनिर्णय


दुशासन और दुर्योंधन से घृणित व्यक्ति को हमारे धर्मशास्त्र मे भी

 श्री कृष्ण द्वारा महाभारत मे समाज को नसीहत हेतु क्रुरतम दंड देकर 

सबको अनुपालन का नजीर पेश किया है . फिरभी आज के तथाकथित राजा और नयायाधीश क्यों असमंजश

में हैं .

                        कही मिलीभगत या खुद भी लिप्त होने के कारण ऐसा करके खुद को बचाने की कोशिश तो नहीं कर रहे हैं ?


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